रायपुर, 9 अक्टूबर 2025:
सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्रांति: छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया अध्याय शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए बड़ी पहल की है। शिक्षा विभाग की योजना के तहत 9,000 से अधिक स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे और लगभग 22,000 नए कंप्यूटर अगले कुछ महीनों में स्कूलों तक पहुंचाए जाएंगे।
इस परियोजना का उद्देश्य शिक्षण-पद्धति को आधुनिक बनाना और ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को समान डिजिटल अवसर प्रदान करना है।
डिजिटल लर्निंग का नया दौर
सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में हर ब्लॉक और पंचायत स्तर के स्कूल में डिजिटल लर्निंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाए।
इसके तहत स्कूलों में प्रोजेक्टर, स्मार्ट बोर्ड, हाई-स्पीड इंटरनेट और टैबलेट आधारित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। छात्रों को अब ब्लैकबोर्ड के साथ-साथ एनिमेशन, वीडियो और इंटरैक्टिव कंटेंट के माध्यम से पढ़ने का अवसर मिलेगा—जिससे पढ़ाई और रोचक व व्यावहारिक बन जाएगी।
शिक्षकों के लिए डिजिटल प्रशिक्षण
राज्यभर में ई-लर्निंग ट्रेनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शिक्षकों को डिजिटल टीचिंग स्किल्स सिखाई जाएंगी।
यह प्रशिक्षण तकनीकी उपकरणों के उपयोग और ऑनलाइन सामग्री तैयार करने की क्षमता पर केंद्रित होगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा: “हम चाहते हैं कि हर सरकारी स्कूल का बच्चा डिजिटल युग का हिस्सा बने। अब छत्तीसगढ़ की शिक्षा किताबों से आगे बढ़ेगी।”
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में बदलाव
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में रहते हैं, जहां आधुनिक शिक्षा संसाधन अभी तक सीमित थे।
योजना के तहत हर ब्लॉक में एक डिजिटल रिसोर्स सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो ई-लर्निंग सामग्री और स्मार्ट क्लास में सहयोग देगा।
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परियोजना की मुख्य बातें
मॉनिटरिंग और वार्षिक मूल्यांकन
9,000+ स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम
22,000 नए कंप्यूटरों की आपूर्ति
शिक्षकों के लिए डिजिटल ट्रेनिंग
प्रत्येक ब्लॉक में डिजिटल रिसोर्स सेंटर
टेबलेट और ऑनलाइन स्टडी मॉड्यूल उपलब्ध
डिजिटल छत्तीसगढ़ की ओर
यह पहल राज्य को डिजिटल इंडिया मिशन से जोड़ते हुए न केवल छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि उन्हें तकनीकी नौकरियों के लिए भी तैयार करेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ शिक्षा सुधार के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ की डिजिटल शिक्षा योजना केवल तकनीक का विस्तार नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम है। स्मार्ट क्लासरूम से स्मार्ट भविष्य की ओर बढ़ते हुए यह पहल बच्चों और राज्य दोनों की तरक्की में मील का पत्थर साबित होगी।
